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Samastipur News: पटोरी में गैस एजेंसी पर छापेमारी, भारी मात्रा में सिलेंडर बरामद, जांच तेज

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समस्तीपुर के पटोरी क्षेत्र में जिला प्रशासन ने गैस एजेंसी से जुड़े ठिकाने पर छापेमारी कर बड़ी संख्या में सिलेंडर बरामद किए। मामले में अनियमितता की जांच जारी है।

समस्तीपुर/आलम की खबर:समस्तीपुर जिले में अवैध भंडारण और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत सोमवार को पटोरी क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। अनुमंडल प्रशासन के नेतृत्व में की गई इस छापेमारी में एक गैस एजेंसी से जुड़े स्थान पर भारी मात्रा में एलपीजी सिलेंडरों का भंडारण पाया गया, जिसे प्रारंभिक तौर पर संदिग्ध माना गया है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने मामले की गंभीर जांच शुरू कर दी है और संबंधित पक्ष से आवश्यक दस्तावेज भी मांगे गए हैं।

जानकारी के अनुसार, यह छापेमारी पटोरी अनुमंडल क्षेत्र के अवेंदकर चौक के समीप स्थित एक मकान में की गई, जिसका संबंध एक गैस एजेंसी से बताया जा रहा है। इस एजेंसी का संचालन विनय कुमार द्वारा किए जाने की बात सामने आई है। प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जब जांच शुरू की तो वहां बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर रखे मिले, जिससे टीम को संदेह हुआ और विस्तृत निरीक्षण किया गया।

जांच के दौरान विभिन्न कंपनियों के घरेलू गैस सिलेंडर पाए गए, जिनमें भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियों के सिलेंडर शामिल थे। ये सिलेंडर 14.2 किलोग्राम क्षमता के थे और इनमें भरे तथा खाली दोनों तरह के सिलेंडर मौजूद थे। इसके अलावा 19 किलोग्राम और 5 किलोग्राम के सिलेंडर भी मौके पर पाए गए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि भंडारण का दायरा काफी बड़ा है और इसे लेकर नियमों के उल्लंघन की आशंका मजबूत होती है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मौके पर मिले सिलेंडरों की संख्या और भंडारण की स्थिति को देखते हुए यह मामला सामान्य नहीं माना जा रहा है। प्रारंभिक जांच में कई ऐसे बिंदु सामने आए हैं, जो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि गैस सिलेंडरों का भंडारण निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं किया जा रहा था। हालांकि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।

इस पूरी कार्रवाई के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई। अधिकारियों ने मौके पर बरामद सभी सिलेंडरों और अन्य सामग्रियों का विधिवत सूचीकरण किया, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा न आए। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत और निष्पक्ष तरीके से की जा रही है।

जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित गैस एजेंसी से सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। इसमें लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर, वितरण रिकॉर्ड और अन्य संबंधित अभिलेख शामिल हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर यह जांच की जाएगी कि कहीं गैस वितरण में अनियमितता या कालाबाजारी जैसी गतिविधियां तो नहीं हो रही थीं।

विशेषज्ञों का मानना है कि एलपीजी सिलेंडरों का अवैध भंडारण न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद खतरनाक हो सकता है। यदि ऐसे सिलेंडरों को निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं रखा जाता है, तो आग या विस्फोट जैसी घटनाओं का खतरा बना रहता है। ऐसे में प्रशासन की यह कार्रवाई आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

जिला आपूर्ति विभाग की ओर से भी इस मामले पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें लाइसेंस रद्द करने से लेकर कानूनी कार्रवाई तक शामिल हो सकती है।

प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि जिले में अवैध भंडारण और कालाबाजारी के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए नियमित रूप से जांच और छापेमारी की कार्रवाई की जाएगी, ताकि व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा सके।

स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस कार्रवाई का समर्थन किया है। उनका कहना है कि इस तरह की छापेमारी से न केवल अवैध गतिविधियों पर रोक लगेगी, बल्कि आम उपभोक्ताओं को भी सही तरीके से गैस उपलब्ध हो सकेगी। कई लोगों ने यह भी कहा कि अक्सर गैस की कमी और कीमतों में गड़बड़ी की शिकायतें आती रहती हैं, ऐसे में इस तरह की कार्रवाई जरूरी है।

आगे की कार्रवाई के तहत प्रशासन बरामद सिलेंडरों की जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और संबंधित लोगों से पूछताछ करेगा। इसके बाद ही यह तय किया जाएगा कि इस मामले में किस प्रकार की कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पूरे मामले पर जिला प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है।

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